कौन हैं वे 3 मुस्लिम सांसद जो NDA की बैठक में नहीं पहुंचे, ममता बनर्जी की पार्टी में करेंगे वापसी?
ममता गुट के भीतर उठते बगावत को लेकर जब उनके करीबी सांसद सौगत रॉय से सवाल पूछा गया तो उन्होंने एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में तीन मुस्लिम सांसदों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठा दिया।
संसद का मॉनसून सत्र जारी है। इसके बीच बीते मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सांसदों की एक बैठक बुलाई गई। इसे 'मंगल मिलन' नाम दिया गया। ममता बनर्जी की पार्टी से बगावत कर अलग मोर्चा बनाने वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को भी इस बैठक का न्योता दिया गया था। बागी गुट के अधिकांश सांसद इसमें शामिल होने के लिए पहुंचे भी। हालांकि, अब जो खबर सामने आ रही है उसके मुताबिक इस बैठक से बागी गुट के तीन सांसदों ने दूरी बना ली।
टेलीग्राफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका दावा किया है। वहीं, ममता गुट के भीतर उठते बगावत को लेकर जब उनके करीबी सांसद सौगत रॉय से सवाल पूछा गया तो उन्होंने एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में तीन मुस्लिम सांसदों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठा दिया। आपको बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नड्डा की मौजूदगी में हुई इस बैठक में तीन सांसद मौजूद नहीं थे।
कौन हैं वे 3 मुस्लिम सांसद?
गायब रहने वाले सांसदों में यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान का नाम शामिल है। तीनों सांसद मंगलवार को संसद में उपस्थित होने के बावजूद एनडीए की इस उच्चस्तरीय बैठक में शामिल नहीं हुए। बीजेपी के केंद्रीय राज्य मंत्री सुकंत मजूमदार ने भी इन तीनों सांसदों की अनुपस्थिति की पुष्टि की है।
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वापसी करना चाहते हैं तो करेंगे स्वागत
सौगत रॉय ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद से आने वाले ये मुस्लिम सांसद एनडीए की विचारधारा से सहज नहीं हैं और ममता बनर्जी के खेमे में वापसी के रास्ते तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे स्वतंत्र और धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं। एनडीए का गठबंधन उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि यदि तीनों सांसद तृणमूल में वापस आना चाहते हैं तो वे औपचारिक आवेदन दे सकते हैं। नेतृत्व इसपर विचार करेगा।
बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग
तृणमूल कांग्रेस ने अपने 20 सांसदों के बगावत को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर हमला तेज करते हुए दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें तुरंत अयोग्य घोषित करने की मांग की है। पार्टी ने केंद्र पर सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके पार्टी में फूट डालने का आरोप लगाया है। तृणमूल का यह बयान तब आया जब गुरुवार को नई दिल्ली में संसद के बाहर निलंबित तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने गले में 20 गद्दार लिखा पोस्टर पहनकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
कोलकाता में तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने भाजपा और ओम बिरला पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी संवैधानिक संस्थाओं और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश रच रही है। उन्होंने उन 20 बागी सांसदों को तुरंत अयोग्य घोषित करने की मांग की जो तृणमूल के टिकट पर चुने गए थे लेकिन बाद में काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाली एससीपीआई में शामिल हो गये और एनडी को समर्थन दिया।
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